झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद दिशोम गुरू शिबु सोरेन के निधन पर झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर राजधानी रांची पहुँच चुका है। इस बीच आजसू पार्टी के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने गुरुजी के निधन पर शोक जताते हुए कहा
झारखंड की राजनीति के पुरोधा और दिशोम गुरु के नाम से विख्यात शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर सोमवार को दिल्ली से रांची लाया गया।
झारखंड आंदोलन के पुरोधा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
विजय स्टडी सर्किल के तत्वावधान में 3 अगस्त को रांची स्थित राज्य संग्रहालय ऑडिटोरियम में “सफलता 2K20” और “सफलता 2K25” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष सम्मान समारोह में छठी जेपीएससी के साथ-साथ 11वीं से 13वीं जेपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाले छ
झारखंड आंदोलन के प्रणेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। वहीं, शोकाकुल परिवार से उनकी बहू और भाजपा नेत्री सीता सोरेन ने गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक हस्ती नहीं, बल
आगामी CBSE जोनल शूटिंग चैंपियनशिप के लिए चतरा राइफल क्लब की चतरा और रांची ब्रांच की संयुक्त टीम मिर्जापुर के लिए रवाना हो चुकी है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक संरक्षक और आदिवासी समाज के महानायक शिबू सोरेन उर्फ 'दिशोम गुरु' के निधन पर पार्टी में गहरा शोक है। झामुमो के महासचिव सह केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसे “झारखंड, देश और आदिवासी-मूलवासी समाज के लिए हिमा
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का 81 वर्ष की उम्र में दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कई सप्ताह से इलाज के दौरान वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर केंद्रीय मंत्री सह BJP नेता अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शोक जताया है, और गहरी संवेदना व्यक्त की है।
झारखंड की राजनीति में आदिवासी चेतना के सबसे प्रभावशाली प्रतीकों में से एक, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और तीन बार के मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन अब नहीं रहे। उन्हें उनके अनुयायी ‘दिशोम गुरु’ यानी ‘जनजातीयों के गुरु’ कहकर संबोधित करते थे।